Dr. Brijesh Bansiwal — 14+ yrs of trusted physiotherapy care. BPT & MPT (Ortho) from MG Medical College, Jaipur. Thousands of patients benefited through scientific assessment, manual therapy, post-surgical rehab, spine care and chronic pain treatment. Founder, Pinkcity Physiotherapy & Rehabilitation Center (Jagatpura & Pratap Nagar). Known for patient-specific diagnosis, evidence-based care and clear communication. Contact: 9414990102
शनिवार, 3 जुलाई 2021
बुधवार, 26 मई 2021
बुधवार, 19 मई 2021
कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए लंग्स रिकवरी के लिए फायदेमंद है चेस्ट फिजियोथेरेपी, एयरवे को क्लीन कर सैचुरेशन बढ़ाती है, जानिए इसे कैसे करना है
कोरोना संक्रमित मरीजों का ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने और फेफड़ों की रिकवरी के लिए राजस्थान के डॉक्टर चेस्ट फिजियोथेरेपी का सहारा ले रहे हैं। इस थेरेपी से बड़ी संख्या में मरीज रिकवर हो रहे हैं। जो मरीज ऑक्सीजन की कमी के चलते परेशान हो रहे हैं, उनके लिए चेस्ट फिजियोथेरेपी कारगर साबित होती नजर आ रही है।इसके जरिए जयपुर के कई अस्पतालों में भर्ती मरीजों का न केवल सैचुरेशन (ऑक्सीजन लेवल) बढ़ा है, बल्कि मरीज के लंग्स (फेफड़ों) की रिकवरी भी तेजी से हुई है। ऐसे भी केस सामने आए हैं जिनमें मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, लेकिन इस थेरेपी से उनका ऑक्सीजन लेवल नॉर्मल हो गया।
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. विनी कंतरू अपने एक वीडियो में बताती हैं कि चेस्ट फिजियोथेरेपी, कोविड-19 के रोगियों में काफी फायदेमंद हो सकती है। छाती के अंदर बलगम फंसने और सूखापन आ जाने के कारण सांस लेने में होने वाली दिक्कतों को ठीक करने में यह थेरेपी कारगर साबित हो सकती है।
कोरोना से संक्रमित और इससे ठीक होने के बाद भी फेफड़ों की रिकवरी और एयरवे को स्वस्थ बनाने के लिए सबसे जरूरी और सरल तरीका है चेस्ट फिजियोथेरेपी। हम आपको बता रहे हैं चेस्ट फिजियोथेरेपी से जुड़ी कुछ आसान ब्रीदिंग एक्सरसाइज, जिन्हें आप घर पर ही कर सकते हैं। इन्हें करते वक्त केवल एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि इसे धीरे-धीरे शुरू करें।
- डायाफ्रामिक ब्रीदिंग एक्सरसाइज हार्ट रेट को कम करने और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद करती है
पर्स्ड लिप ब्रीदिंग एक्सरसाइज एयरवे को खुला रखने में मदद करती है
एक्टिव साइकिल ऑफ ब्रीदिंग टेक्नीक (ACBT) फेफड़े में जमा बलगम साफ करने में मदद करती है
बैलून ब्लोइंग ब्रीदिंग एक्सरसाइज पलमोनरी और रेस्पिरेटरी फंक्शन को मजबूत करती है
स्ट्रॉ एक्सरसाइज फेफड़ों को स्वस्थ बनाने में मदद करती है
स्पाइरोमीटर एक्सरसाइज उस फ्लूड को ब्रेक करने में मदद करती है जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत या निमोनिया होता है
ऐसे काम करती है चेस्ट फिजियोथेरेपी
- कोविड मरीजों के फेफड़े वायरस से डैमेज तो होते ही हैं, साथ ही कई मरीजों के फेफड़ों में टाइट स्पुटम (कफ) जमने की शिकायत भी होने लगती है। कफ जमने से फेफड़े अपनी क्षमता के मुताबिक काम नहीं करते, इसके कारण मरीज की रिकवरी भी देरी से होती है।
- रिकवरी की स्पीड को बढ़ाने के लिए मरीज के फेफड़ों से कफ हटाना जरूरी होता है, ताकि वह अच्छे से काम कर सकें और मरीज सांस ले सके।
- फेफड़ों में जमे टाइट कफ को ढीला कर बाहर निकालने के लिए डॉक्टर अलग-अलग दवाइयां देते हैं, जिसमें समय लगता है। जबकि चेस्ट थेरेपी में बिना दवाइयों के कफ को ढीला करते हैं और वह अपने आप मरीज के शरीर से बाहर निकलने लगता है।
- मरीज के शरीर से जब कफ बाहर आता है तो उसे सांस लेने में आसानी होती है। संक्रमित फेफड़े भी जल्द ही ठीक होने लगते हैं।
गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020
जोडों व मांसपेशियों की तकलीफ से जुड़े मामलों पर सही परामर्श के लिये मुझे कहाँ जाना चाहिए ?
जोडों व मांसपेशियों की तकलीफ से जुड़े मामलों पर सही परामर्श के लिये मुझे कहाँ जाना चाहिए ?
मंगलवार, 13 नवंबर 2018
फिजियोथेरेपी के अंतर्गत पराबैंगनी किरणों के द्वारा ईलाज और इसके लाभ
फिजियोथेरेपी के अंतर्गत डायाथर्मी चिकित्सा पद्दति और इसके लाभ
सोमवार, 12 नवंबर 2018
फिजियोथेरेपी के अंतर्गत विद्युत चिकित्सा पद्दति और इसके लाभ
फिजियोथेरेपी के अंतर्गत ऊष्मीय चिकित्सा पद्दति और इसके लाभ
बुधवार, 7 नवंबर 2018
भौतिक चिकित्सा का महत्व और इसके सिद्धांत
भौतिक चिकित्सा का महत्व
अध्ययन और अनुभव से साबित होता है कि भौतिक चिकित्सा चोटों और दर्दो के लिए प्रमुख और प्रभावी भौतिक चिकित्सा का महत्वपूर्ण उपाय है , इसलिए कह सकते हैं कि दर्द एक समस्या है तो भौतिक चिकित्सा समाधान है । इसलिए दर्द और चोटों के इलाज के लिए भौतिक चिकित्सा कभी भी गलत साबित नहीं हो सकती है । इसलिए फिजियोथैरेपी की मदद संयुक्त जटिल समस्याओं के लिए ली जाती है । फिजियोथैरेपी का सहारा किसी भी अंग विकृति के खतरे के उपचार में भी लिया जाता है । कई तरह की बीमारियाँ व विकृतियाँ आज के आधुनिक युग में फैली नजर आती हैं और इसी तरह इन विकृतियों व बीमारियों का उपचार व इलाज भी किया जाता है । लेकिन इन सब इलाजों में सबसे प्राचीन व उत्तम स्तर का उपचार प्रबन्धन फिजियोथैरेपी करती ; शरीर के व्यायाम के साथ - साथ अन्य कई प्रकार की प्रक्रियाएँ फिजियोथैरेपी में शामिल हैं । जैसे मालिश , गर्म चिकित्सा , ठण्डी चिकित्सा , स्नान आदि । पेशियों में गतिहीनता से छुटकारा पाने तथा कई अन्य गम्भीर समस्या को भी फिजियोथैरेपी द्वारा अच्छी तरह से ठीक किया जाता है । दर्द निवारक दवाइयों के इफेक्टों से बचने के लिए व चोटों , दर्द के लिए भौतिक चिकित्सा सर्वोत्तम तकनीक व उपाय है । इसलिए भौतिक चिकित्सा के महत्व को नकारा नहीं जा सकता । फिजियोथैरेपी न केवल दर्द व चोटों से मुक्ति दिलाती है , बल्कि भविष्य में होने वाली अन्य बीमारियों से भी बचाती है । भौतिक चिकित्सा के महत्व को स्वास्थ्य चिकित्सक व खिलाड़ी स्वीकार करते हैं । भौतिक चिकित्सा का महत्वपूर्ण लाभ यह भी है कि ऑक्सीजन व साँस से सम्बन्धित बीमारियाँ , जैसे — खाँसी , कम्पन आदि की भी फिजियोथैरेपी तकनीक के माध्यम से दूर किया जाता है । उदाहरण के तौर पर क्यूपिड तकनीक , हाथों का घर्षण , ताली बजाना आदि तकनीकों से इसका महत्व साबित किया जाता है । वाहन दुर्घटनाओं व चक्कर आना , सुन्न कन्धे व गर्दन , कमर की माँसपेशियों में दर्द के कारणों के निवारण के लिए डॉक्टर भी फिजियोथैरेपी की सलाह देते हैं । इसमें वह पुनर्वास के लिए कई भिन्न - भिन भौतिक तकनीकों का उपयोग करते हैं इसलिए भौतिक चिकित्सा सर्वाधिक हो गया ।यदि कोई रोगी स्ट्रोक या पार्किंसंस जैसी बीमारियों से पीड़ित है तो उन रोगियों के लिए फिजियोथैरेपी एक उत्तम उपाय है । हृदय रोगियों की सर्जरी के बाद फिजियोथैरेपिक तकनीक का उपयोग किया जाता है , जो एक निर्देशित अभ्यास के बाद किया जाता है , जिससे रोगियों में सुधार तथा उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है । पुराने दर्द और नई चोटों के लिए फिजियोथैरेपी अपने आप में गुणवत्ता तथा दर्द में सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है । इसलिए दैनिक जीवन में सुधार के लिए फिजियोथैरेपी करते रहना चाहिए । भौतिक चिकित्सा का उपचार स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होता है इसलिए आज के युग में किसी भी व्यक्ति के लिए पुनर्वास के समय भौतिक चिकित्सा का ज्यादा उपयोग करते हैं । इसमें अधिकतर खिलाड़ी व दुर्घटना से ग्रसित व्यक्ति व मानसिक रूप से ग्रसित और हृदय सम्बन्धी रोगी फिजियोथैरेपी का फायदा ज्यादा लेते हैं । अत : हम कह सकते हैं कि आज के इस आधुनिक युग में फिजियोथैरेपी का एक विशेष महत्वपूर्ण स्थान है।
- सभी अधिकारों और पदों का व्यक्तिगत तौर से भौतिक चिकित्सक द्वारा सम्मान करना । सभी व्यक्तियों के लिए भौतिक चिकित्सक के अधिकार समान होने चाहिए । किसी भी प्रकार की सेवाएँ देने के लिए आयु , लिंग , जाति , राष्ट्रीयता , धर्म , रंग , यौन , अभिविन्यास , विकलांगता , स्वास्थ्य स्थिति या राजनीति की परवाह किए बिना सेवा का अधिकार रखते हैं । उसमें निम्न बातें होनी चाहिए- अच्छी गुणवत्ता की सेवाएँ , जानकारी , सूचित सहमति , गोपनीयता , डेटा तक पहुँच , स्वास्थ्य शिक्षा , जो चुनना चाहे , यदि भौतिक चिकित्सक सुनिश्चित किये गये व्यवहार सम्बन्धी जानकारी ग्राहक तक नहीं पहुँचाता है तो वह इसके लिए स्वयं जिमेदार है । भौतिक चिकित्सक साथियों से सहयोग रखने उम्मीद का अधिकार रखते हैं और उनका सहयोग कर सकते हैं
- भौतिक चिकित्सक जिस देश में अपनी सेवाएँ दे रहा है या प्रदान कर रहा है , उसे उस देश के चिकित्सा सम्बन्धी कानुनी नियमों तथा वहाँ की गवर्निग की पूरी जानकारी व समझ होना आवश्यक है
- यदि ग्राहक चाहे तो भौतिक चिकित्सक ध्वनि व संगीतबद्ध व्यायामों के लिए स्वतन्त्र रूप से उपयोग कर सकता वरना उसे ग्राहक के हक में ही सेवाएँ प्रदान करनी होंगी । सेवाओं के प्रावधान के भौतिक चिकित्सक स्वतन्त्र रूप से निर्णय ले सकता है , जिनके लिए वह ज्ञान व कौशल का पूर्ण प्रदर्शन करता हैं । चिकित्सक रोगी के निदान के लक्ष्यों की आवश्यकतानुसार बदलाव या परिवर्तन कर सकता है । यदि भौतिक चिकित्सक किसी भी प्रकार से रोगी का उपचार करने में सक्षम नहीं है तो वह अन्य योग्य चिकित्सक के पास रेफर कर सकता है।
- भौतिक चिकित्सक को ईमानदार , सक्षम और जवाबदेह होना चाहिए । भौतिक चिकित्सक सुनिश्चित रोगियों को विशेष रूप से प्रत्याशित लागत और वित्तीय समझ की सेवा व प्रकृति प्रदान करने वाला होना चाहिए । भौतिक चिकित्सक एक सतत योजनाओं पर आधारित डिजाइन कार्यक्रमों और पेशेवर ज्ञान और कौशल बढाने के लिए होना चाहिए । रोगी व ग्राहक की अनुमति या पूर्व ज्ञान के बिना किसी तीसरे पक्ष को किसी भी प्रकार की जानकारी का खुलासा नहीं करना चाहिए । भौतिक चिकित्सक पर्याप्त डेटा अपनी सुविधा के लिए तैयार करता है । भौतिक चिकित्सक को यदि जरूरत हो तो राष्ट्रीय भौतिक चिकित्सा संघ की सहायता की माँग रोगी / ग्राहक को सुधारने के लिए कर सकता है । भौतिक चिकित्सक को किसी भी प्रकार की सेवाओं का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं होगी ।
- भौतिक चिकित्सक गुणवत्ता सेवाएँ प्रदान करने के लिए और वर्तमान स्वीकार मनकों और गतिविधियों को प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है । भौतिक चिकित्सक ज्ञान को बढाने के लिए और शिक्षा क्षेत्र में भाग लेने के लिए भी प्रतिबद्ध है । अनुसंधान के सुधार और रोगी व ग्राहक सेवाओं के लिए योगदान का समर्थन भौतिक चिकित्सक करेगा । शैक्षिक और नैदानिक सेटिंग में गुणवत्ता की शिक्षा का भी समर्थन भौतिक चिकित्सक करेगा । यह सुनिश्चित करेगा कि वर्तमान में भौतिक अनुसंधान नियमों और नीतियों तथा मानव विषयों पर अनुसंधान के आचरण को लागू करने का पालन भौतिक चिकित्सक करेगा । जैसे विषयों की सहमति , विषय गोपनीयता सुरक्षा और विषयों की भलाई , धोखाधड़ी और साहित्यिक चोरी का अभाव , पूर्ण स्पष्टीकरण के प्रदर्शन का समर्थन । सभी कर्मचारियों व अधिकारी विधिवत् योग्य हो , यह भी भौतिक चिकित्सक सुनिश्चित करें । सांविधानिक आवश्यकताओं के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने व सेवा संचालन के लिए वर्तमान प्रबन्धन के सिद्धान्तों और प्रथाओं को लागू करें । कार्मिक प्रबन्धन के उचित मानकों का विशेष रूप से ध्यान दिया जाए ।
- भौतिक चिकित्सक निष्पक्ष सेवाओं के पारिश्रमिक के हकदार होते हैं किन्तु यह सुनिश्चित होना चाहिए कि उनका अपना शुल्क उचित स्तर पर आधारित हो । भौतिक चिकित्सक को तीसरे पक्ष शुल्क कार्यक्रम के आधार पर या सरकारी प्रयासों और निश्चित दति का प्रयास होना चाहिए । व्यक्तिगत लाभ के लिए अनुचित प्रभाव का उपयोग भौतिक चिकित्सक नहीं करेगा ।
- रोगियों / ग्राहकों व अन्य एजेन्सियों को शारीरिक थैरेपी के बारे में समुदाय के लिए । भौतिक चिकित्सक सटीक जानकारी प्रदान करते हैं । भौतिक चिकित्सा के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए सार्वजनिक शिक्षा के बारे में भौतिक चिकित्सक जानकारी प्रदान करते हैं अपनी सेवाओं की विज्ञापित भौतिक चिकित्सक कर सकते हैं । झुठी , धोखाधड़ी , भ्रामक अनुचित या सनसनी खेज बयान या दावा का उपयोग भौतिक चिकित्सक नहीं कर सकता जो अपनी पेशेवर स्थिति के लिए लागू है , केवल उन दावों व बयानों का वर्णन भौतिक चिकित्सक करेगा ।
- भौतिक चिकित्सक , योजनाओं और सेवाओं को अपने कर्तव्यों और दायित्वों का पालन करते हुए स्वास्थ्य जरूरतों की ओर विशेष ध्यान देते हुए उनके विकास में योगदान देंगे , सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान की ओर भौतिक चिकित्सक को बाध्य रहना होगा ।
- अधिकारों और सभी व्यक्तियों की गरिमा का सम्मान ।
- जिस देश में भौतिक चिकित्सा का अभ्यास का कार्यक्रम हो , वहाँ के कानूनों व नियमों का अनुपालन ।
- व्यायाम के लिए सही फैसले की जिम्मेदारी को निभाना ।
- ईमानदार , सक्षम और जवाबदेह पेशेवर सेवाएँ प्रदान करना ।
- गुणवत्ता की सेवा प्रदान करना ।
- उनकी सेवाओं के लिए निष्पक्ष स्तर पर उन्हें पारिश्रमिक का हक दिलाना ।
- रोगियों के लिए सटीक जानकारी प्रदान करना जिससे भौतिक चिकित्सा का स्तर ऊँचा बन सके ।
- जिस समुदाय को स्वास्थ्य की आवश्यकता हो , उन्हें योजनाओं और सेवाओं को प्रदान करना।
सोमवार, 7 मई 2018
डॉ. बृजेश कुमार बंसीवाल (फिजियोथेरेपिस्ट) एक परिचय
भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) का इतिहास क्या है ? दूसरे विश्व युद्ध के पीडि़त फौजियों व आमजन के पुनर्वास के लिए वैज्ञानिकों द्वारा इस पद्धति की खोज की गई। भारत में सन 1962 से इसका विकास आरंभ हुआ। सभर के दशक में इसकी पढ़ाई शुरू हुई जबकि अस्सी के दशक में इसका बहुत तेजी से विकास हुआ। औपचारिक शिक्षा के नाम पर पहले डिप्लोमा प्रारंभ हुआ। परन्तु कुछ समय बाद डिप्लोमा बंद कर दिया गया। इसलिए इसकी डिग्री भी पाँच साल की कर दी गई।
इस पद्धति में किन-किन बीमारियों का समाधान है ? बदलती जीवनशैली के कारण हड्डी और मांसपेशियों से संबंधित नई-नई शारीरिक बीमारियां उत्पन्न हो रही है। जिस कारण आज प्रतेक व्यक्ति को फ़िज़ियोथेरेपिस्ट (भौतिक चिकित्सक) की जरूरत है। अगर जटिल बीमारियों की बात की जाए तो जोड़ों का दर्द, कंधे का दर्द, लकवा, ब्रेन अटैक जैसी भयानक बीमारीयों का ईलाज बिना दवाओ के भी संभव है। अधिकांश व्याधियों में आयु अनुसार व्यायाम बताये जाते हैं।
आम जन को दैनिक जीवन में सेहत के लिहाज से क्या-क्या सावधानियां रखनी चाहिए ? रोजमर्रा की व्यस्त दिनचर्या के कारण बिगड़ रहे स्वास्थय से बचाव के लिए हमे यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सुबह जल्दी उठें व ज्यादा पानी पीऐं। फ़िज़ियोथेरेपिस्ट की देख रेख में अच्छे पोस्चर में कसरत को दिनचर्या मे शामिल करें। महीने मे दो उपवास अवश्य रखें। निरंतर कसरत करें व दिन मे न सोएं। कामकाज के समय अपने सही पोस्चर में आसन का विशेष ध्यान रखें। सोने के लिए फोम वाले गद्दों के प्रयोग से परहेज करें। इस प्रकार के उपायों से हम स्वस्थ जीवन की आशा कर सकते हैं।
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