बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

दर्द कमर में है, समस्या मूलतः मस्कुलोस्केलेटल है, फिर भी मरीज Neurologist के पास पहुँच रहा है — क्या यह रोगी की अज्ञानता है, सिस्टम की कमी है, या Rehabilitation और Physiotherapy की भूमिका को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है?

दर्द कमर में है, समस्या मूलतः मस्कुलोस्केलेटल है, फिर भी मरीज Neurologist के पास पहुँच रहा है — क्या यह रोगी की अज्ञानता है, सिस्टम की कमी है, या Rehabilitation और Physiotherapy की भूमिका को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है?



प्रस्तावना:—


       कमर दर्द आज के समय की सबसे सामान्य लेकिन सबसे अधिक गलत समझी जाने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। आश्चर्य की बात यह है कि जहाँ समस्या मूलतः मस्कुलोस्केलेटल और फंक्शनल होती है, वहीं मरीज अक्सर सीधे Neurologist तक पहुँच जाता है। यह स्थिति न तो केवल रोगी की अज्ञानता का परिणाम है और न ही किसी एक विशेषज्ञ की त्रुटि—बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य-तंत्र, रेफरल सिस्टम और Rehabilitation-केंद्रित सोच की सामूहिक विफलता को उजागर करती है।
       आधुनिक चिकित्सा में जाँच-रिपोर्ट, विशेषकर MRI, ने क्लिनिकल मूल्यांकन की जगह ले ली है। रिपोर्ट में लिखे शब्द मरीज के मन में भय पैदा करते हैं और दर्द को एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी के रूप में देखने की प्रवृत्ति विकसित कर देते हैं। इस प्रक्रिया में Physiotherapy और Rehabilitation जैसी मूलभूत, वैज्ञानिक और कारण-आधारित चिकित्सा पद्धतियाँ प्रारंभिक चरण से ही हाशिये पर चली जाती हैं।
       यह लेख इसी भ्रम को स्पष्ट करने का प्रयास है—कि कमर दर्द क्या है, किन परिस्थितियों में Neurologist की आवश्यकता होती है, और क्यों अधिकांश मामलों में Physiotherapy पहला नहीं बल्कि अनिवार्य उपचार होना चाहिए। उद्देश्य किसी विशेषज्ञ के महत्व को कम करना नहीं, बल्कि सही मरीज को सही समय पर सही दिशा देने की आवश्यकता को रेखांकित करना है, ताकि दर्द के साथ-साथ भ्रम और निराशा से भी मुक्ति मिल सके।


1. कमर दर्द: एक बीमारी नहीं, शरीर की चेतावनी:—

      कमर दर्द अपने आप में कोई स्वतंत्र रोग नहीं है, बल्कि यह शरीर द्वारा दिया गया एक संकेत है कि कहीं मांसपेशी संतुलन बिगड़ा है, जोड़ों पर गलत लोड पड़ रहा है या मूवमेंट पैटर्न दोषपूर्ण हो चुका है। अधिकांश मामलों में यह समस्या फंक्शनल और मस्कुलोस्केलेटल होती है, न कि न्यूरोलॉजिकल।


2. कमर दर्द के 85–90% मामलों का वास्तविक कारण:—

       वैज्ञानिक और क्लिनिकल अनुभव स्पष्ट बताते हैं कि कमर दर्द के अधिकांश मामलों में कारण मांसपेशियों की कमजोरी, जोड़ों की जकड़न, लिगामेंट स्ट्रेस, लंबे समय तक गलत पोस्चर और शारीरिक निष्क्रियता होते हैं। इनमें नर्व केवल द्वितीयक रूप से प्रभावित होती है, प्राथमिक रूप से नहीं।


3. Neurologist की भूमिका: महत्वपूर्ण, लेकिन सीमित:—

       Neurologist की आवश्यकता तभी होती है जब मरीज में धीरे-धीरे बढ़ती कमजोरी, लगातार बढ़ती सुन्नता, रिफ्लेक्स में स्पष्ट बदलाव या bladder–bowel नियंत्रण में समस्या दिखे। केवल दर्द होना Neurological disease का प्रमाण नहीं है।


4. MRI रिपोर्ट का भय और गलत निष्कर्ष:—

     आज मरीज की समस्या उसके दर्द से ज़्यादा MRI रिपोर्ट के शब्दों से तय हो रही है। Disc bulge और degeneration जैसे सामान्य, उम्र-संबंधी बदलावों को गंभीर बीमारी मान लिया जाता है, जबकि ये अक्सर asymptomatic होते हैं और दर्द का वास्तविक कारण नहीं होते।


5. मरीज की अज्ञानता नहीं, मार्गदर्शन की कमी:—

     मरीज Neurologist के पास इसलिए नहीं जाता क्योंकि वह गलत सोचता है, बल्कि इसलिए जाता है क्योंकि उसे सही जानकारी और दिशा नहीं दी जाती। उचित काउंसलिंग और क्लिनिकल समझ के अभाव में मरीज रिपोर्ट को ही अंतिम सत्य मान लेता है।


6. रेफरल सिस्टम की संरचनात्मक विफलता:—

      एक आदर्श व्यवस्था में कमर दर्द का पहला मूल्यांकन मस्कुलोस्केलेटल और फंक्शनल होना चाहिए, लेकिन व्यवहार में GP से सीधे MRI और फिर Neurologist तक की यात्रा होती है। इस प्रक्रिया में Physiotherapy को प्रारंभिक चरण से ही बाहर कर दिया जाता है।


7. Physiotherapy: अंतिम नहीं, पहला उपचार:—

    Physiotherapy केवल सहायक उपचार नहीं है, बल्कि Low Back Pain का primary treatment है। यह दर्द को दबाने के बजाय उसके कारण को सुधारती है और मरीज की दैनिक कार्यक्षमता को बहाल करती है।


8. दवा और इंजेक्शन आधारित इलाज की सीमाएँ:—

     Painkillers और injections अस्थायी राहत देते हैं, लेकिन वे मांसपेशी संतुलन, पोस्चर और मूवमेंट पैटर्न को नहीं सुधारते। बिना Rehabilitation के यह इलाज अधूरा और अल्पकालिक रहता है।


9. Structure बनाम Function की अनदेखी:—

     अक्सर इलाज संरचना (disc, vertebra, nerve) पर केंद्रित रहता है, जबकि मरीज की वास्तविक समस्या कार्यक्षमता (चलना, बैठना, उठना) में होती है। Physiotherapy Function को ठीक करती है, जो Recovery के लिए अनिवार्य है।


10. विशेषज्ञों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं, समन्वय की आवश्यकता:—

      यह Neurologist बनाम Physiotherapist की बहस नहीं है, बल्कि सही मरीज को सही समय पर सही विशेषज्ञ तक पहुँचाने का प्रश्न है। भूमिका स्पष्ट होने पर ही मरीज को सर्वोत्तम परिणाम मिल सकता है।


11. गलत इलाज मार्ग के दुष्परिणाम:—

      गलत विशेषज्ञ के पास बार-बार जाना मरीज को मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और Chronic Pain की ओर धकेलता है। समय पर सही Rehabilitation न मिलने से दर्द स्थायी रूप ले सकता है।


12. समाधान: सोच, सिस्टम और संरचना में बदलाव:—

     मरीज को रिपोर्ट से ज़्यादा अपने शरीर को समझना होगा, डॉक्टर को MRI से पहले क्लिनिकल असेसमेंट पर ज़ोर देना होगा और सिस्टम को Rehabilitation को प्राथमिक देखभाल में शामिल करना होगा।


निष्कर्ष—

     कमर दर्द का सही इलाज दवा या विशेषज्ञ बदलने में नहीं, बल्कि समस्या की प्रकृति समझकर Physiotherapy और Rehabilitation को समय पर अपनाने में है। जब तक यह समझ विकसित नहीं होगी, तब तक मरीज दर्द के साथ-साथ भ्रम और निराशा भी झेलता रहेगा।

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